Kannada Film Actress दुबई से सोने की तस्करी की पूरी योजना बनाकर आई थीं। दस्तावेजों के अनुसार, उन्होंने यूट्यूब से सीखा था कि सोने को शरीर में कैसे छिपाया जा सकता है। इसी रणनीति के तहत उन्होंने दुबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 के गेट A पर एक अनजान व्यक्ति से 14 किलोग्राम सोना प्राप्त किया।
रान्या, जो एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की सौतेली बेटी हैं, को 3 मार्च को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट से जुड़ा मामला हो सकता है।
कैसे हुआ सोने का सौदा?
पूछताछ के दौरान रान्या ने बताया कि उन्हें एक इंटरनेट कॉल आया था, जिसमें निर्देश दिया गया था कि वे दुबई एयरपोर्ट के डाइनिंग लाउंज में जाएं और एक सफेद गाउन पहने व्यक्ति से मिलें। यह व्यक्ति लगभग 6 फीट लंबा था, जिसका रंग गेहुआं और लहजा अमेरिकी था। इस शख्स ने उन्हें कोने में ले जाकर प्लास्टिक से लिपटे दो पैकेट सौंपे, जिनमें 12 सोने की छड़ें और कुछ छोटे टुकड़े थे।
तस्करी की योजना पहले ही बन चुकी थी
रान्या ने यह सुनिश्चित करने के लिए एयरपोर्ट के पास एक स्टेशनरी की दुकान से चिपकाने वाली टेप खरीदी थी। क्योंकि एयरपोर्ट पर कैंची मिलना मुश्किल था, इसलिए उन्होंने पहले से ही टेप को काटकर अपने बैग में रखा था।
डाइनिंग लाउंज से सोना लेने के बाद वह वॉशरूम गईं, जहां उन्होंने यूट्यूब पर तस्करी से जुड़े वीडियो देखे और सोने को छिपाने की रणनीति बनाई। उन्होंने सोने की छड़ों को अपनी पिंडलियों और कमर पर टेप से चिपका लिया, जबकि छोटे टुकड़ों को जूते और पॉकेट में डाल दिया।
बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षा से बचने का प्लान
रान्या एमिरेट्स की फ्लाइट से 3 मार्च को बेंगलुरु पहुंची। यहाँ, उन्हें एयरपोर्ट से बाहर निकलने में मदद करने के लिए प्रोटोकॉल अधिकारी बसप्पा बिल्लूर ने सुरक्षा जांच में छूट दिलाने का काम किया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, बिल्लूर ने कबूल किया कि उसे रान्या के सौतेले पिता रामचंद्र राव से बार-बार निर्देश मिलते थे कि वह उनके परिवार को प्रोटोकॉल सहायता दे। इसी कारण उसने रान्या को सुरक्षा में ढील दिलाने में मदद की।
गिरफ्तारी कैसे हुई?
हालांकि, DRI (राजस्व खुफिया निदेशालय) के अधिकारियों को उनकी लगातार विदेश यात्राओं पर संदेह हुआ। जब उन्होंने 3 मार्च को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर कदम रखा, तो उन्हें एयरपोर्ट से कुछ ही कदम दूर रोक लिया गया। तलाशी के दौरान उनके कपड़ों में छुपाया गया सोना बरामद कर लिया गया और तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि रान्या पिछले 6 महीनों में 27 बार दुबई गई थीं, जिनमें से 15 दिनों में 4 बार यात्रा की थी। इन लगातार यात्राओं ने अधिकारियों का ध्यान खींचा और इसी कारण वे शक के घेरे में आईं।
अब मामले की जांच जारी है और अधिकारियों को उम्मीद है कि यह मामला एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह की परतें खोल सकता है।